Product category :समाचार
Date : फ़रवरी 17, 2026
बेंगलूरु, 16 फरवरी, 2026 - माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 16 फरवरी, 2026 को बेंगलूरु स्थित नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) का दौरा किया।
माननीय रक्षा मंत्री ने पुणे स्थित कृत्रिम प्रज्ञान (सीओई-एआई) उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) का आभासी रूप से उद्घाटन किया और औपचारिक रूप से कंपनी की कृत्रिम प्रज्ञान नीति आरंभ की।
बीईएल के बेंगलूरु कॉमप्लेक्स के दौरे के दौरान, माननीय रक्षा मंत्री ने बीईएल के माउंटेन फायर कंट्रोल रेडार का शुभारंभ किया। उन्होंने बीईएल-बेंगलूरु में मिसाइल एकीकरण सुविधा का भी उद्घाटन किया और आकाश की तीसरी और चौथी रेजिमेंट कॉम्बैट प्रणालियों को हरी झंडी दिखाई।
माननीय रक्षा मंत्री को भारतीय स्टार्टअप द्वारा विकसित कृत्रिम प्रज्ञान आधारित समाधानों सहित कई उन्नत स्वदेशी रक्षा तकनीकों के बारे में बताया गया, जिसमें रक्षा परितंत्र में नवाचार और स्वदेशीकरण पर बढ़ते जोर को बताया गया।
माननीय रक्षा मंत्री ने बीईएल के सहयोग से मिसाइल प्रणालियों के निर्माण के लिए उद्योग साझेदारों-बीईएमएल, बीडीएल, एल एंड टी, एमएसएमई और स्टार्टअप के साथ बातचीत की। उन्होंने उन्नत स्वदेशी तकनीकों के विकास के लिए शैक्षणिक समुदाय (आईआईटी-एम और आईआईएससी) के साझेदारों के साथ भी बातचीत की।
इस दौरान, बीईएल के केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं, सीओई-इलेक्ट्रॉनिक्स वारफेयर एवं फोटोनिक्स, सीओई-कम्युनिकेशन, सीओई-रेडार और हथियार प्रणाली व उत्पाद विकास एवं नवाचार केंद्र (पीडीआईसी) द्वारा की गई स्वदेशीकरण पहलों को भी दिखाया गया। साथ ही, स्टार्टअप और उद्योग के साझेदारों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। माननीय रक्षा मंत्री जी को घरेलू रक्षा विनिर्माण और अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बीईएल के उल्लेखनीय योगदान के बारे में जानकारी दी गई।
माननीय रक्षा मंत्री को प्रमुख राष्ट्रीय रक्षा कार्यक्रमों जैसे क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (क्यूआरसैम), लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क II (एलसीए एमके II), एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए), प्रोजेक्ट कुशा (एमआर-सैम/एलआर-सैम), काउंटर ड्रोन सिस्टम, नेवल वेपन कंट्रोल सिस्टम आदि के साथ बीईएल में चल रही अनुसंधान और विकास गतिविधियों से भी अवगत कराया गया।
सेक्योर सिस्टम-ऑन-चिप्स (एसओसी), मोनोलिथिक माइक्रोवेव इंटिग्रेटेड सर्किट (एमएमआईसी) और एप्लीकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट (एएसआईसी), जो भारत सेमीकंडक्टर मिशन के उद्देश्यों और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जैसे रणनीतिक सेमीकंडक्टर डिवाइसों के स्वदेशीकरण में बीईएल की भूमिका पर विशेष ध्यान आकृष्ट किया गया।
संक्षिप्त चर्चा में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि स्वदेशी अनुसंधान और विकास पहल विदेशी तकनीकों पर निर्भरता को कम करते हुए भूमि, वायु, नौसेना और रणनीतिक क्षेत्रों में परिचालन की तैयारियों को बढ़ा रही हैं।
माननीय रक्षा मंत्री ने एआई और स्वायत्त प्रणालियों में नवीनतम तकनीकों का उपयोग करते हुए चुस्त उत्पाद विकास के लिए स्टार्टअप, उद्योग और शिक्षा जगत के साथ सहयोग करने के लिए बीईएल के आर एंड डी समुदाय को प्रोत्साहित किया। माननीय रक्षा मंत्री ने विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप विश्वस्तरीय उत्पाद बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग, नवाचार और त्वरित प्रोटोटाइप को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
Posted on: फ़रवरी 17, 2026
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