BEL

Categories
प्रेस विज्ञप्ति

बीईएल और आईआईएससी, बेंगलूरु ने ए.आई. और एम.एल. में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया

बेंगलूरु, 16 फरवरी, 2023 – यलहंका वायु सेना स्टेशन, बेंगलूरु में आयोजित हो रहे द्विवार्षिक एयर शो और विमानन प्रदर्शनी एयरो इंडिया 2023 में नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने कृत्रिम मेधा (ए.आई.), मशीन लर्निंग (एम.एल.) तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में मिलकर काम करने के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलूरु के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया।

यह एमओयू बीईएल और भारतीय विज्ञान संस्थान की पूरक शक्तियों और सक्षमताओं को बढ़ाने पर लक्षित है। इससे बीईएल और आईआईएस, बेंगलूरु दोनों ऐसे विभिन्न उत्पाद और सेवाएं विकसित करने में सक्षम होंगे जिनमें कृत्रिम मेधा अंतर्निर्मित और एकीकृत होती है। आईआईएससी आर एंड डी समाधान का विकास, ऐल्गोरिद्म, बीईएल के इंजीनियरों को प्रशिक्षण आदि के संदर्भ में विभिन्न परियोजनाएं शुरु करने के लिए बीईएल हेतु ए.आई. और एम.एल. में विशिष्टीकृत सेवाएं प्रदान करेगा।

भारतीय विज्ञान संस्थान के बारे में

भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) जो धर्मार्थ अक्षयनिधि अधिनियम, 1890 के तहत पंजीकृत एक ट्रस्ट है, जो विज्ञान, इंजीनियरी, डिज़ाइन और प्रबंधन में उच्चतर शिक्षा और अनुसंधान के लिए शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित, समविश्वविद्यालय और स्वशासी संस्थान है। बेंगलूरु, कर्नाटक में स्थित आईआईएससी मूलभूत ज्ञान और अपने अनुसंधान को औद्योगिक और सामाजिक हितलाभ में कार्यान्वित करने के बीच संतुलन को बढ़ाने का प्रयास करते आ रहा है। वर्ष 2018 में, आईआईएससी को भारत सरकार द्वारा इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस (आईओई) चुना गया और यह संस्थान दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में लगातार सर्वोच्च स्थान पर बना हुआ है।

बीईएल के बारे में

नवरत्न पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) की स्थापना रक्षा इलेक्ट्रॉनिकी में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दूरदृष्टि के साथ रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन वर्ष 1954 में की गई। आज, बीईएल एक बहु-उत्पाद, बहु- प्रौद्योगिकी, बहु-यूनिट वाली विशाल कंपनी है जो रक्षा क्षेत्र में रेडार, मिसाइल प्रणाली, सैन्य संचार, नौसैनिक प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्धपद्धति व वैमानिकी, सी4आई प्रणाली, इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स, टैंक इलेक्ट्रॉनिकी और गन / शस्त्र प्रणाली के अपग्रेड और इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक उत्पादों और प्रणालियों की डिज़ाइन, निर्माण और आपूर्ति करती है।

बीईएल के गैर-रक्षा कारोबार खंड में कंपोसिट शेल्टर और मास्ट के अलावा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, गृह भूमि सुरक्षा और स्मार्ट सिटी, उपग्रह एकीकरण और पेस इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, सेवा के रूप में सॉफ्टवेयर, ऊर्जा भंडारण उत्पाद शामिल हैं। बीईएल अपनी वैश्विक मौजूदगी को तेजी से बढ़ा रही है और दुनिया भर में निर्यात पर ज़ोर देने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय महासागर और मित्र देशों सहित, दुनिया भर में नए बाज़ार के अवसरों का लाभ लेने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

अपनी आर एंड डी स्थापना को बढ़ाने के अतिरिक्त, कंपनी द्वारा सहयोगात्मक आर एंड डी में किए जा रहे प्रयास हों, भारतीय निजी उद्योगों और एमएसएमई को कार्य बाह्यस्रोत करने के इसके हाल के प्रयास हों या टर्नकी परियोजनाएं निष्पादित करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारियां करने के इसके नवाचारी निर्णय हो, बीईएल यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास कर रही है कि वह स्वदेशीकरण और आत्म-निर्भरता के सरकार के अधिक व्यापक लक्ष्य के अनुरूप कार्य करे।

Photo caption: बीईएल और आईआईएससी के बीच एमओयू दस्तावेज का आदान प्रदान करते हुए श्री मनोज जैन, निदेशक (आर एंड डी), बीईएल और प्रो के जे विनॉय, आईआईएससी, बेंगलूरु।

Categories
प्रेस विज्ञप्ति

आईएआई, इज़राइल और बीईएल ने भारतीय रक्षा बलों के लिए उत्पाद समर्थन प्रदान करने हेतु जे.वी. की स्थापना की

बेंगलूरु, 16 फरवरी, 2023 – नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत में रक्षा इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और प्रणालियों की अग्रणी निर्माता कंपनी और इज़राइल एरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (आईएआई), इज़राइल की अग्रणी एरोस्पेस और रक्षा कंपनी ने भारतीय रक्षा बलों के लिए दीर्घकालीन उत्पाद समर्थन सेवाएं प्रदान करने के लिए एकल संपर्क बिंदु तैयार करने पर लक्षित संयुक्त उद्यम स्थापित करेंगे।

यह घोषणा यलहंका वायु सेना स्टेशन, बेंगलूरु में आयोजित हो रहे द्विवार्षिक एयर शो और विमानन प्रदर्शनी एयरो इंडिया 2023 में माननीय रक्षा राज्य मंत्री, श्री अजय भट द्वारा की गई।

यह साझेदारी दोनों कंपनियों के बीच संबंधों को मज़बूत बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है जिनका आपसी सहयोग का लंबा इतिहास है। बीईएल और आईएआई भारतीय रक्षा बलों के लिए अनेक संयुक्त प्रोग्राम में साथ काम कर रहे हैं। नया संयुक्त उद्यम देश में एमआरसैम वायु-रक्षा प्रणालियों के लिए जीवनचक्र समर्थन प्रदान करने के लिए स्थापित किया जा रहा है। इस नए उद्यम का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा जो सशस्त्र बलों के लिए आवश्यक तकनीकी और अनुरक्षण समर्थन प्रदान करेगा।

एमआरसैम एक उन्नत पथ-प्रदर्शक वायु और मिसाइल रक्षा प्रणाली है जो विभिन्न प्रकार के हवाई प्लेटफार्मों के समक्ष सुरक्षा प्रदान करती है। इसका प्रयोग भारतीय वायु सेना, भारतीय थलसेना, भारतीय नौसेना और इज़राइली रक्षा बलों द्वारा किया जाता है। इस प्रणाली में एक एडवांस्ड फैज़्ड ऐरे रेडार, कमांड और कंट्रोल शेल्टर, मोबाइल लांचर और उन्नत आर.एफ. सीकर के साथ इंटरसेप्टर होते हैं। एमआरसैम का विकास भारतीय रक्षा बलों के लिए भारत और इज़राइल के सहयोग से आईएआई और डीआरडीओ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।

इस संयुक्त उद्यम के माध्यम से, आईएआई भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत मिशन के प्रति अपने समर्थन पर ज़ोर देती है। यह उद्यम भारतीय रक्षा बलों के लिए उन्नत प्रणालियां विकसित करने और उनके लिए समर्थन प्रदान करने में डीआरडीओ के साथ मज़बूत साझेदारी के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इस सहयोग से आईएआई और बीईएल दोनों की आपकी सक्षमताएं बढ़ेंगी।

श्री अजय भट, माननीय रक्षा राज्य मंत्री जी ने कहा, “इज़राइल भारत का बहुत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और भारतीय रक्षा बलों के लिए एमआरसैम प्रणाली का सफल विकास और तैनाती दोनों देशों के बीच सफल संयुक्त सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है। भारत और इज़राइल की इन दोनों प्रतिष्ठित कंपनियों के बीच किए जा रहा यह संयुक्त उद्यम एमआरसैम प्रणालियों के लिए उत्पाद समर्थन सेवाएं प्रदान करने में एक संपर्क बिंदु के रूप में निश्चित रूप से बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मेक इन इंडिया नीति के लिए यह प्रेरक शक्ति होगी।”

श्री भानु प्रकाश श्रीवास्तव, सीएमडी, बीईएल ने कहा, “बीईएल आईएआई, इज़राइल को बहुत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानती है। दोनों कंपनियों के बीच स्थापित किए जाने वाला यह संयुक्त उद्यम एमआरसैम प्रणालियों के लिए समय पर उत्पाद समर्थन सेवाएं सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भारतीय आपूर्ति कड़ी की सक्रिय सहभागिता के साथ समुचित स्वदेशी कार्य सहभाजन सक्षम बनाएगा।”

श्री बोज़ लेवी, आईएआई के अध्यक्ष और सीईओ ने इससे पहले कहा, “बीईएल के साथ हमारे संयुक्त उद्यम से भारत में हमारे ग्राहकों की ज़रूरतों के अनुरूप सेवाएं प्रदान करने के लिए सर्वोत्तम प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष और प्रतिभा सुकर बनेगी। हमने वर्ष 2022 में नई दिल्ली में एरोस्पेस सर्विसेस इंडिया (एएसआई), जो आईएआई की सहायक कंपनी है, खोलने की घोषणा की थी और ये दोनों भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल और भारत में निवेश के लिए हमारे समर्थन को दर्शाता है।”

इज़राइल एरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (आईएआई) के बारे में

इज़राइल एरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (आईएआई) दुनिया की अग्रणी एरोस्पेस और रक्षा कंपनी है जो रक्षा और वाणिज्यिक बाज़ार के लिए अंतरिक्ष, वायु, भूमि, नौसेना, सायबर और होमलैंड सुरक्षा में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में नवोन्मेष करती है और सुपुर्दगी देती है। दशकों से युद्ध-सिद्ध अनुभव के साथ नवोन्मेष की “स्टार्ट-अप नेशन” की भावना के साथ, आईएआई अपने ग्राहकों को उपग्रहों, यूएवी, मिसाइल, आसूचना समाधान, शस्त्र प्रणाली, वायु रक्षा प्रणाली, रोबोटिक प्रणाली, रेडार, व्यावसायिक जेट, एरोस्ट्रक्चर आदि सहित ग्राहकों द्वारा सामना की जा रही विशेष चुनौतियों के लिए आवश्यकता-अनुरूप, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी समाधान पेश करती है। वर्ष 1953 में स्थापित आईएआई इज़राइल की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी नियोक्ता है जिसके कार्यालय और आर एंड डी केंद्र इज़राइल और विदेशों में स्थित हैं। अधिक जानकारी के लिए https://www.iai.co.il/ देखें।

बीईएल के बारे में

नवरत्न पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) की स्थापना रक्षा इलेक्ट्रॉनिकी में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दूरदृष्टि के साथ रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन वर्ष 1954 में की गई। आज, बीईएल एक बहु-उत्पाद, बहु-प्रौद्योगिकी, बहु-यूनिट वाली विशाल कंपनी है जो रक्षा क्षेत्र में रेडार, मिसाइल प्रणाली, सैन्य संचार, नौसैनिक प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्धपद्धति व वैमानिकी, सी4आई प्रणाली, इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स, टैंक इलेक्ट्रॉनिकी और गन / शस्त्र प्रणाली के अपग्रेड और इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक उत्पादों और प्रणालियों की डिज़ाइन, निर्माण और आपूर्ति करती है।

बीईएल के गैर-रक्षा कारोबार खंड में कंपोसिट शेल्टर और मास्ट के अलावा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, गृह भूमि सुरक्षा और स्मार्ट सिटी, उपग्रह एकीकरण और पेस इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, सेवा के रूप में सॉफ्टवेयर, ऊर्जा भंडारण उत्पाद शामिल हैं। बीईएल अपनी वैश्विक मौजूदगी को तेजी से बढ़ा रही है और दुनिया भर में निर्यात पर ज़ोर देने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय महासागर और मित्र देशों सहित, दुनिया भर में नए बाज़ार के अवसरों का लाभ लेने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

अपनी आर एंड डी स्थापना को बढ़ाने के अतिरिक्त, कंपनी द्वारा सहयोगात्मक आर एंड डी में किए जा रहे प्रयास हों, भारतीय निजी उद्योगों और एमएसएमई को कार्य बाह्यस्रोत करने के इसके हाल के प्रयास हों या टर्नकी परियोजनाएं निष्पादित करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारियां करने के इसके नवाचारी निर्णय हो, बीईएल यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास कर रही है कि वह स्वदेशीकरण और आत्म-निर्भरता के सरकार के अधिक व्यापक लक्ष्य के अनुरूप कार्य करे।

डाफना रैविट्ज़, संप्रेषण प्रबंधक, @iai.co.il 972-52-4677010 www.iai.co.il कार्पोरेट संप्रेषण

संजीव एन देशपांडे, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक, कार्पोरेट संप्रेषण ई-मेल – media@bel.co.in

Photo caption: भारतीय रक्षा बलों के लिए दीर्घकालीन उत्पाद समर्थन सेवाएं प्रदान करने के लिए एकल संपर्क बिंदु तैयार करने के लिए लक्षित संयुक्त उद्यम स्थापित करने हेतु एमओए की घोषणा करने के बाद, श्री अजय कुमार भट, माननीय रक्षा राज्य मंत्री, एयर वाइस मार्शल शरद जैन, वीएसएम, एसीएएस (एमपी), रियर एडमिरल बी शिवकुमार, एवीएसएम, वीएसएम, एसीओएम (आईटी एंड एस) तथा बीईएल और आईएआई, इज़राइल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्री भानु प्रकाश श्रीवास्तव, सीएमडी, बीईएल और श्री ड्रोर ब्रार, वीपी और जीएम, आईएआई, इज़राइल।

Categories
प्रेस विज्ञप्ति

बीईएल ने लोरा शस्त्र प्रणाली के लिए आईएआई के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया

बेंगलूरु, 15 फरवरी, 2023- यलहंका वायु सेना स्टेशन, बेंगलूरु में आयोजित हो रहे द्विवार्षिक एयर शो और विमानन प्रदर्शनी एयरो इंडिया 2023 में नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने भारत की तीनों सेवाओं के लिए लोरा शस्त्र प्रणाली के देशीय निर्माण और आपूर्ति के लिए इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।

इस अत्याधुनिक सामरिक शस्त्र प्रणाली हथियार का निर्माण आईएआई के साथ कार्य-भाजन व्यवस्था के आधार पर मुख्य ठेकेदार के रूप में बीईएल द्वारा किया जाएगा।

यह समझौता ज्ञापन उच्च प्रौद्योगिकी रणनीतिक रक्षा प्रणालियों के क्षेत्र में भारत और इज़राइल के बीच बढ़ती साझेदारी का परिणाम है, जो प्रमुख शस्त्र प्रणालियों के लिए भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप है।

आईएआई के एमएएलएएम प्रभाग द्वारा विकसित, लोरा समुद्र से जमीन और जमीन से जमीन पर मार करने वाली प्रणाली है जिसमें लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, एक अद्वितीय लांचर, कमांड और नियंत्रण प्रणाली और जमीन/समुद्री समर्थन प्रणाली शामिल है। लोरा प्रणाली 10 मीटर सीईपी के परिशुद्ध स्तर के साथ कई रेंजों के लिए बैलिस्टिक हमले की क्षमता प्रदान करती है।

आईएआई के बारे में

इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) लिमिटेड इज़राइल की सबसे बड़ी एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी है जो वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रौद्योगिकी और नवाचार नेतृत्वकर्ता है जो वायु, अंतरिक्ष, समुद्र, भूमि, साइबर और गृहभूमि सुरक्षा के लिए उन्नत, अत्याधुनिक प्रणालियों के विकास और निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। 1953 से, इस कंपनी ने दुनिया भर की सरकारों और वाणिज्यिक ग्राहकों को उन्नत प्रौद्योगिकी समाधान प्रदान किए हैं जिसमें उपग्रह, मिसाइल, हथियार प्रणाली और युद्ध सामग्री, मानव रहित और रोबोटिक प्रणालियां, रेडार, सी4आईएसआर आदि शामिल हैं। आईएआई बिजनेस जेट की डिजाइन और निर्माण भी करती है।

लोरा को आईएआई के सिस्टम्स, मिसाइल्स एंड स्पेस ग्रुप में विकसित किया गया था। इस समूह का वायु-रक्षा प्रणालियों में लंबा रिकॉर्ड है जैसे ऐरो 2 और 3, बराक 8, मंडराती मिसाइलें और अनगिनत मिसाइल और उपग्रह प्रणालियां, जैसे प्रेक्षण उपग्रह, नैनो- उपग्रह, संचार उपग्रह (राष्ट्रीय संचार उपग्रह ड्रोर सहित)। इस समूह ने बेरेशीट अंतरिक्ष यान का भी सह-निर्माण किया है जिसने अपने पहले ही मिशन पर चंद्रमा की यात्रा की थी। आईएआई वायु रक्षा, रेडार, उपग्रह, मानव रहित वाहन, नागरिक विमानन और साइबर के लिए एक राष्ट्रीय और वैश्विक तकनीकी केंद्र है।

बीईएल के बारे में

नवरत्न पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) की स्थापना रक्षा इलेक्ट्रॉनिकी में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दूरदृष्टि के साथ रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन वर्ष 1954 में की गई। आज, बीईएल एक बहु-उत्पाद, बहु-प्रौद्योगिकी, बहु-यूनिट वाली विशाल कंपनी है जो रक्षा क्षेत्र में रेडार, मिसाइल प्रणाली, सैन्य संचार, नौसैनिक प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्धपद्धति व वैमानिकी, सी4आई प्रणाली, इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स, टैंक इलेक्ट्रॉनिकी और गन / शस्त्र प्रणाली के अपग्रेड और इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक उत्पादों और प्रणालियों की डिज़ाइन, निर्माण और आपूर्ति करती है।

बीईएल के गैर-रक्षा कारोबार खंड में कंपोसिट शेल्टर और मास्ट के अलावा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, गृह भूमि सुरक्षा और स्मार्ट सिटी, उपग्रह एकीकरण और पेस इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, सेवा के रूप में सॉफ्टवेयर, ऊर्जा भंडारण उत्पाद शामिल हैं। बीईएल अपनी वैश्विक मौजूदगी को तेजी से बढ़ा रही है और दुनिया भर में निर्यात पर ज़ोर देने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय महासागर और मित्र देशों सहित, दुनिया भर में नए बाज़ार के अवसरों का लाभ लेने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

अपनी आर एंड डी स्थापना को बढ़ाने के अतिरिक्त, कंपनी द्वारा सहयोगात्मक आर एंड डी में किए जा रहे प्रयास हों, भारतीय निजी उद्योगों और एमएसएमई को कार्य बाह्यस्रोत करने के इसके हाल के प्रयास हों या टर्नकी परियोजनाएं निष्पादित करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारियां करने के इसके नवाचारी निर्णय हो, बीईएल यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास कर रही है कि वह स्वदेशीकरण और आत्म-निर्भरता के सरकार के अधिक व्यापक लक्ष्य के अनुरूप कार्य करे।

फोटो कैप्शन- श्री मनोज जैन, निदेशक (आर एंड डी), बीईएल और श्री योएल रोनेन, मुख्य विपणन अधिकारी, आईएआई, इज़राइल ने बीईएल और आईएआई, इज़राइल के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान करते हुए।

Categories
प्रेस विज्ञप्ति

बीईएल और जीएसटी ने नौसैनिक प्लेटफार्मों में उपलब्ध वैश्विक बाज़ार के अवसरों का लाभ लेने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया

बेंगलूरु, 13 फरवरी, 2023 – यलहंका वायु सेना स्टेशन, बेंगलूरु में आयोजित हो रहे द्विवार्षिक एयर शो और विमानन प्रदर्शनी एरो इंडिया 2023 में नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. (बीईएल) ने आज नौसैनिक प्लेटफार्मों के लिए कृत्रिम मेधा आधारित ऑटोनमस बोड तथा अन्य प्रणालियों / समाधान जैसे अत्याधुनिक उत्पादों की आपूर्ति करने के लिए वैश्विक बाज़ार के अवसरों का लाभ लेने में सहयोग करने के लिए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया।

श्री भानु प्रकाश श्रीवास्तव, सीएमडी, बीईएल और श्री ब्रजेश कुमार उपाध्याय, सीएमडी, जीएसएल ने श्री विनय कुमार कत्याल, निदेशक (बेंगलूरु कॉमप्लेक्स), श्री मनोज जैन, निदेशक (आर एंड डी), श्री दामोदर भट्टड, निदेशक (वित्त) तथा बीईएल और जीएसएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एरो इंडिया में एमओयू दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) के बारे में

जीएसएल भारत का अग्रणी रक्षा शिपयार्ड है जिसमें आधुनिक अवसंरचना और कार्य-निष्पादन एवं समय पर सुपुर्दगी करने के सिद्ध रिकार्ड के साथ अत्युन्नत उच्च प्रौद्योगिकी के रक्षा और वाणिज्यिक पोतों की डिज़ाइन और निर्माण करने की क्षमता है और जो वर्तमान में भारतीय उप महाद्वीप में रक्षा जहाजों का सबसे बड़ा निर्यातक है। जीएसएल की मुख्य क्षमता इसके अनुसंधान व विकास (आर एंड डी) द्वारा विभिन्न प्लेटफार्मों की नई डिज़ाइनें विकसित करने के साथ इसकी संस्थागत डिज़ाइन क्षमता है जिसे वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संस्थागत आर एंड डी यूनिट के रूप में मान्यता और पंजीकरण प्रदान किया गया है।

बीईएल के बारे में

नवरत्न पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) की स्थापना रक्षा इलेक्ट्रॉनिकी में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दूरदृष्टि के साथ रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन वर्ष 1954 में की गई। आज, बीईएल एक बहु- उत्पाद, बहु-प्रौद्योगिकी, बहु-यूनिट वाली विशाल कंपनी है जो रक्षा क्षेत्र में रेडार, मिसाइल प्रणाली, सैन्य संचार, नौसैनिक प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्धपद्धति व वैमानिकी, सी4आई प्रणाली, इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स, टैंक इलेक्ट्रॉनिकी और गन / शस्त्र प्रणाली के अपग्रेड और इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक उत्पादों और प्रणालियों की डिज़ाइन, निर्माण और आपूर्ति करती है।

बीईएल के गैर-रक्षा कारोबार खंड में कंपोसिट शेल्टर और मास्ट के अलावा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, गृह भूमि सुरक्षा और स्मार्ट सिटी, उपग्रह एकीकरण और पेस इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, सेवा के रूप में सॉफ्टवेयर, ऊर्जा भंडारण उत्पाद शामिल हैं। बीईएल अपनी वैश्विक मौजूदगी को तेजी से बढ़ा रही है और दुनिया भर में निर्यात पर ज़ोर देने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है। भारतीय महासागर और मित्र देशों सहित, दुनिया भर में नए बाज़ार के अवसरों का लाभ लेने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

अपनी आर एंड डी स्थापना को बढ़ाने के अतिरिक्त, कंपनी द्वारा सहयोगात्मक आर एंड डी में किए जा रहे प्रयास हों, भारतीय निजी उद्योगों और एमएसएमई को कार्य बाह्यस्रोत करने के इसके हाल के प्रयास हों या टर्नकी परियोजनाएं निष्पादित करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारियां करने के इसके नवाचारी निर्णय हो, बीईएल यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास कर रही है कि वह स्वदेशीकरण और आत्म-निर्भरता के सरकार के अधिक व्यापक लक्ष्य के अनुरूप कार्य करे।

फोटो कैप्शन- श्री भानु प्रकाश श्रीवास्तव, सीएमडी, बीईएल और श्री ब्रजेश कुमार उपाध्याय, सीएमडी, जीएसएल ने श्री विनय कुमार कत्याल, निदेशक (बेंगलूर कॉमप्लेक्स), श्री मनोज जैन, निदेशक (आर एंड डी), श्री दामोदर भट्टड, निदेशक (वित्त) और बीईएल तथा जीएसएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एयरो इंडिया में बीईएल और जीएसएल के बीच में हस्ताक्षरित दस्तावेज़ का आदान-प्रदान करते हुए।

रक्षा मंत्री ने बीईएल की ट्रांसड्यूसर उत्पादन सुविधा, ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर का उद्घाटन किया

बेंगलूरु, 13 अगस्त, 2021 – माननीय रक्षा मंत्री, श्री राजनाथ सिंह जी ने शुक्रवार को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह (आजादी का अमृत महोत्सव) के अंतर्गत नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के बेंगलूरु कॉमप्लेक्स में पीएम केयर्स पहल के तहत स्थापित ट्रांसड्यूसर उत्पादन सुविधा और बीईएल द्वारा निर्मित ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर का उद्घाटन (वीडियो कॉनफ्रेंस द्वारा) किया।
इस अवसर पर श्रीमती आनंदी रामलिंगम, स्थानापन्न सीएमडी, निदेशकगण तथा बीईएल और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

ट्रांसड्यूसर उत्पादन सुविधा – रु. 30 करोड़ की लागत से निर्मित यह एक बृहद् संस्थागत सुविधा है जिसमें ट्रांसड्यूसर और अंतर्जलीय उपकरणों की व्यापक श्रृंखला का उत्पादन व परीक्षण किया जाएगा। ट्रांसड्यूसर परीक्षण सुविधाओं में दाब परीक्षण सुविधा, ध्वानिक परीक्षण सुविधा और भार परीक्षण सुविधा शामिल होगी। विभिन्न अवस्थाओं में गुणता और तकनीकी विनिर्देशों को नियंत्रित करने के लिए यह प्रिसीजन उपकरणों से सुसज्जित है जैसे पीज़ो-सिरामिक्स की स्टेकिंग के लिए पिसीजन जिग्स और फिक्सचर, ट्रांसड्यूसर एलिमेंट / हाइड्रोफोन का मापन व ट्यूनिंग, पोस्ट वलकेनाइज़ेशन बांडिंग मशीनें आदि।

इस सुविधा से प्रारंभिक वर्षों में रु. 75-80 करोड़ का और वर्ष 2026 तक रु. 200 करोड़ तक का वार्षिक कुल कारोबार प्राप्त होने की अपेक्षा है। ट्रांसड्यूसर नौसैनिक उपकरण का भाग है जिसका निर्माण और आपूर्ति बीईएल चार दशकों से करती आ रही है।

बीईएल का ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर – बीईएल पीएम केयर्स पहल के तहत बीपीएल मेडिकल की स्वदेशी प्रौद्योगिकी से ओएनजीसी के लिए 5 एलपीएम और 10 एलपीएम के 30,000 ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर का निर्माण कर रही है।

ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर मरीजों को 90% से 95% तक का शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए परिवेशी वायु से ऑक्सीजन के कणों को फिल्टरन व सांद्रण करते हुए काम करता है। दोहरे प्रवाह आउटपुट के साथ बीईएल द्वारा निर्मित ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर का उपयोग ह्रदय संबंधी व्याधियों, श्वास संबंधी बीमारियों, मस्तिष्क की थकान, एथलेटिक्स संबंधी थकान या प्लैट्यू पाइपोक्सिया के मरीजों की नैदानिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है। ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर कोविड-19 महामारी से लड़ने में उपयोगी होता है और इसका उपयोग ऑक्सीजन की कमी का प्रबंधन करने और चिकित्सा उपकरणों के लिए औद्योगिक परितंत्र प्रदान करने के लिए किया जाता है।

बीईएल का ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर जिसकी सुपुर्दगी 4-5 महीनों में की जाएगी, से वर्ष 2021-22 में बीईएल के लिए रु. 184 करोड़ का कुल कारोबार प्राप्त होने की आशा है।

बीईएल ने कोविड-19 की दूसरी लहर से लड़ने के लिएपीएम केयर्स निधि में रु. 5.45 करोड़ का योगदान दिया

नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने कोविड-19 महामारी के प्रचंड दूसरेलहर से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में सरकार के सम्मिलित प्रयासों का समर्थन करते हुए, अपनीसीएसआर (कार्पोरेट सामाजिक दायित्व) निधि से पीएम केयर्स निधि में रु. 5.45 करोड़ का योगदानदिया ।

बीईएल छः राज्यों के 12 सरकारी अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना केलिए अपनी सीएसआर निधि से रु. 4 करोड़ का भी उपयोग कर रही है ताकि उनकी ऑक्सीजन कीआवश्यकता को पूरा किया जा सके और देश के मौजूदा संकट को कम किया जा सके ।

बीईएल कोविड-19 के खिलाफ देश की लड़ाई में सहयोग करने के हरसंभव प्रयास कर रही है ।पिछले वर्ष, कंपनी ने भारत में इस महामारी से लड़ने और उसे नियंत्रित करने के लिए और साथ ही,राहत प्रयासों के लिए अपनी सीएसआर निधि से पीएम केयर्स निधि में रु.10 करोड़ जारी किए थे ।

बेंगलूरु

30 अप्रैल, 2021

अशोक के एस

वरिष्ठ उप महाप्रबंधक (कार्पोरेट संप्रेषण)

Categories
प्रेस विज्ञप्ति

बीईएल ने रु. 13500 करोड़ का रिकार्ड कुल कारोबार हासिल किया

बेंगलूरु, 1 अप्रैल, 2021- नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने कोविड-19महामारी और गहन कारोबारी प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों के बावजूद पिछले वर्ष के कुल कारोबार रु.12608 करोड़ के समक्ष वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान लगभग रु. 13500 करोड़ (अनंतिम एवं लेखाअपरीक्षित) का कुल कारोबार हासिल किया ।

यथा 1.4.2021 को बीईएल की आदेश बही लगभग रु. 53000 करोड़ है । वर्ष 2020-21 में, बीईएल को रु.15000 मूल्य के उल्लेखनीय आदेश प्राप्त हुए । वर्ष के दौरान प्राप्त कुछ प्रमुख आदेश हैं – आईसीयूवेंटिलेटर, सॉफ्टवेयर निर्धारित रेडियो और संचार उपकरण, विभिन्न प्रकार के रेडार, सोनार, टारपिडोडिकॉय प्रणालियाँ, इलेक्ट्रॉनिक युद्धपद्धति प्रणालियाँ, नेटवर्किंग और इन्क्रिप्शन उत्पाद और स्मार्ट सिटीआदि ।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में निष्पादित कुछ प्रमुख परियोजनाएं हैं – आईसीयू वेंटिलेटर, मिसाइल प्रणालियाँ(आकाश और एलआरसैम), गन के अपग्रेड, विभिन्न रेडार, विभिन्न सोनार, कमान एवं नियंत्रण प्रणालियाँ,इलेक्ट्रो ऑप्टिक प्रणालियाँ, कम्यूनिकेशन और इन्क्रिप्शन उत्पाद, ई.डबल्यू. प्रणालियाँ, तटीय चौकसीप्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज़, गृहभूमि सुरक्षा और स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, केएफओएन, एलसीए के लिएवैमानिकी पैकेज आदि ।

बीईएल ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान लगभग 50 मिलियन यूएस$ की निर्यात बिक्री की है । निर्यात किएगए प्रमुख उत्पादों में तटीय चौकसी प्रणाली, ट्रांस-रिसीव (टीआर) मॉड्यूल, भारती रेडियो,आइडेंटिफिकेशन ऑफ फ्रेंड या फो-इंटरोगेटर (आईएफएफआई), इलेक्ट्रो ऑप्टिक सिस्टम कॉम्पैक्टमल्टी-पर्पस एड्वांस स्टबिलाइज़ेशन सिस्टम (ईओएस कम्पास), इलेक्ट्रो-मेकेनिकल पार्ट, रेडार फिंगरप्रिंटिंग सिस्टम (आरएफपीएस), लो बैंड रिसीवर (एलबीआरईसी), रेडार के पुर्जे आदि शामिल हैं ।

बीईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम वी गौतमा ने कहा “बीईएल स्वदेशीकरण पर अधिक ज़ोर देते हुए,एमएसएमई और जेम से खरीद पर अधिक ज़ोर देते हुए देशीय उद्योग के बाह्यस्रोतण के माध्यम सेआत्मनिर्भर बनने के अपने प्रयास जारी रखेगी और इस तरह आयात पर निर्भरता को कम करेगी । कंपनीसतत विविधीकरण, क्षमताओं और प्रतियोगितात्मकता की वृद्धि, आधुनिकीकरण आदि के माध्यम से प्रगतिके नए क्षेत्रों और नए कारोबारी अवसरों का पता करने के लिए तैयार है । बीईएल ने स्वास्थ्य देखभालसमाधान, नेटवर्क एवं साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा भंडारण प्रणाली, सॉफ्टवेयर आदि जैसेनए संभावित कारोबारी खंडों में प्रवेश करने का प्रयास कर रही है और इसे पूरा विश्वास है कि आगामी वर्षों मेंइन क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति करेगी ।

स्थान – बेंगलूरु

दिनांक – 01.04.2021

अशोक के एस

वरिष्ठ उप महाप्रबंधक (कार्पोरेट संप्रेषण)

Categories
प्रेस विज्ञप्ति

एएआई, बीईएल ने नागर विमानन उद्योग में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया

बेंगलूरु, 14 जुलाई, 2020 – नागर विमानन उद्योग की गति उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का प्रयास करते हुए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन किया, जिससे दोनों कंपनियों को एशिया पैसेफिक क्षेत्र सहित विमान पत्तन के कारोबार में उभरते वैश्विक अवसरों का लाभ लेने के लिए आपस में सहयोग और समर्थन करने का मंच प्राप्त होगा ।

ऐसे सहयोग को आगे बढ़ाते हुए, एक विकास साझेदार की भूमिका निभाते हुए एएआई, बीईएल द्वारा भारत के बाहर की प्रतिष्ठित एमईए परियोजनाओं का निष्पादन सुगम करने के लिए अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र में बीईएल को सहायता प्रदान करेगी। दोनों संगठन बीईएल द्वारा वर्तमान और भावी दोनों परियोजनाओं में नागर विमानन के क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ घनिष्ठता से काम करेंगे ।

श्री संजय कुमार सिंघल, महाप्रबंधक (कारोबार विकास), एएआई और श्री मनोज कुमार, कार्यकारी निदेशक (राष्ट्रीय विपणन), क्षेत्रीय कार्यालय-दिल्ली, बीईएल ने आज एएआई के कार्पोरेट मुख्यालय में वीडियो कॉन्फरेंसिंग द्वारा इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर श्री अरविंद सिंह, अध्यक्ष/एएआई, श्री एम वी गौतम, सीएमडी/बीईएल और दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

दोनों संगठनों के विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए, अध्यक्ष, एएआई ने आशा जताई कि दोनों संगठनों के बीच यह साझेदारी आने वाले वर्षों में भारतीय विमानन क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगी । उन्होंने यह भी कहा कि भारत में संचार, नेविगेशन और निगरानी (सीएनएस) उपकरणों के निर्माण से लागत में काफी कमी आएगी और विदेशी विनिमय बहिर्वाह की बचत होगी जिससे “आत्मनिर्भर भारत” का मार्ग प्रशस्त होगा।

सीएमडी, बीईएल ने पुष्टि की कि इस एमओयू से दोनों संगठनों के संबंधित क्षेत्रों की क्षमताएँ बढ़ेंगी जो दोनों संगठनों के लिए लाभकारी होगा और विमानन के लगातार बढ़ते क्षेत्र में स्थायी समाधान मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एएआई के कौशल और विशेषज्ञता से बीईएल आशान्वित है कि घरेलू नागरिक विमानन बाजार के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशियाई, अफ्रीकी और लेटिन अमेरिकी नागरी विमानन बाजारों में प्रवेश किया जा सकता है।

Categories
प्रेस विज्ञप्ति समाचार

एयरो इंडिया 2023 में बीईएल अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी

बेंगलूरु, 30 जनवरी, 2023:  येहलंका वायु सेना स्टेशन, बेंगलूरु में 13-17 फरवरी, 2023 के दौरान आयोजित होने वाले एयरो इंडिया 2023 में, नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) अपने कारोबार के प्रत्येक क्षेत्र में फैले अत्याधुनिक उत्पादों और प्रणालियों को प्रदर्शित करेगा। एयरो इंडिया 2023 के दौरान प्रदर्शित किए जाने वाले उत्पादों और प्रणालियों को ‘एयर डिफेंस एंड सर्विलेंस’, ‘सी4आई सिस्टम’, ‘आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस-आधारित उत्पाद’, ‘नॉन-डिफेंस एंड डायवर्सिफिकेशन प्रोडक्ट’, ‘रेडार सिस्टम’, ‘कम्युनिकेशन सिस्टम’, ‘एयरबोर्न प्रोडक्ट एंड सिस्टम्स’, ‘होमलैंड सिक्योरिटी’ और साइबर सिक्योरिटी ‘,’ फ्यूरिस्टिक टेक्नोलॉजीज ‘,’ मिसाइल सिस्टम ‘,’ ईआर-ओ आधारित उत्पाद  आउटडोर प्रोडक्ट ‘ इसके अलावा, बीईएल अपने कुछ नए उत्पादों/तकनीकों को लॉन्च/प्रदर्शित करते हुए अपनी आर एंड डी क्षमताओं का भी प्रदर्शन करेगी। ‘वायु रक्षा और निगरानी’ के क्षेत्र में बीईएल के प्रदर्शन में हेक्साकॉप्टर, टेथर्ड यूएवी, यूएवी का स्वारम, रोबोटिक निगरानी, गहरे पानी से संचालित वाहन (आरओवी) और डी4 एंटी-ड्रोन सिस्टम शामिल होंगे। ‘सी4आई सिस्टम’ के क्षेत्र में प्रदर्शित होने वाले प्रदर्शन में सी4आई तकनीक, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और नैविगेशनल कंसोल शामिल होंगे और ‘कृत्रिम बुद्धि-आधारित उत्पादों’ के क्षेत्र में जागरूकता की स्थिति के लिए हवा के लक्ष्यों में एआई-आधारित हस्तक्षेप शामिल होगा। इसके अलावा प्रदर्शनी में ‘गैर-रक्षा और विविधीकरण’ के लिए उत्पादों और प्रणालियों की पूरी श्रृंखला भी होगी, जिसमें उन्नत नेट केंद्रित संचालन में उच्च स्तरीय नेटवर्क प्रबंधन, रोलिंग स्टॉक ड्राइवर प्रशिक्षण प्रणाली के लिए आभासी वास्तविकता, नागरिक हवाई अड्डे के लिए हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली, उन्नत सतह आवाजाही मार्गदर्शन नियंत्रण प्रणाली, दिल्ली मेट्रो रेल निगम के लिए सुपर स्काडा, आभासी वास्तविकता आधारित प्रशिक्षण सिम्युलेटर, एक्स-रे बैगेज निरीक्षण प्रणाली, विस्फोटक डिटेक्टर, स्वचालित रासायनिक एजेंट डिटेक्टर और अलार्म, दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के लिए ईंधन सेल, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियां शामिल हैं।

बीईएल अपनी ‘रेडार प्रणालियों’ का प्रदर्शन करेगी जिसमें संयुक्त पूछताछ और ट्रांसपोंडर प्रणाली, बैटल फील्ड शॉर्ट रेंज एक्टिव इलेक्ट्रॉनिक स्कैंड ऐरे (बीएफएसआर-एईएसए) रेडार, फ्रीक्वेंसी-मॉड्यूलेटेड कंटीन्यूस-वेव आधारित ड्रोन डिटेक्शन रेडार, एयर डिफेंस फायर कंट्रोल रेडार, क्लोज-इन वेपन सिस्टम, माउंटेन फायर कंट्रोल रेडार, वेपन लोकेटिंग रेडार, बीएफएसआर-एक्सआर, एक्स-बैंड मल्टी-फंक्शन रेडार, बैटरी निगरानी रेडार, एईएसए रेडार और 3 डी लो लेवल लाइट सर्विलांस रेडार और 4 डी फेज्ड ऐरे पावर मीडियम रेडार के मॉडल शामिल होंगे। प्रदर्शित की जाने वाली अन्य ‘भावी प्रौद्योगिकियों’ में स्वचालित आश्रित सर्वेक्षण-प्रसारण प्रणाली, स्थिति संकेतक-जी3आई, हैंड-हेल्ड भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली, विस्तारित सी-बैंड अप-कन्वर्टर, मोनोलिथिक माइक्रोवेव समेकित सर्किट, सी बैंड चरण लॉक्ड ऑसिलेटर, कॉल प्रबंधक के साथ राउटर, वॉयस गेटवे यूनिट, एमआईएल-ग्रेड टैब, फ्लाइट लेवल रडार के लिए सिग्नल प्रोसेसिंग यूनिट, यूएचएफ आरएफआईडी रीडर, 3 एटीआई डिस्प्ले, टोर्पबस्टर सीपीयू बोर्ड और स्मार्ट एनर्जी मीटर शामिल हैं। ‘होमलैंड सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी क्लस्टर’ में स्मार्ट सिटी सॉल्यूशन, होमलैंड सिक्योरिटी सॉल्यूशन, व्यापक एकीकृत नौसेना सीमा प्रबंधन प्रणाली, एकीकृत पेरिमीटर प्रणाली का प्रदर्शन शामिल होगा, जबकि ‘एयर सर्विलांस सिस्टम’ में रक्षा उपकरण-ओ सिस्टम, बीईएल के आउटडोर प्रदर्शन की मुख्य विशेषता प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े यूएवी, टेथर्ड यूएवी, शैलो वाटर आरओवी, हेक्साकॉप्टर और अल्ट्रा-लाइट वेट एनक्लोजर के लिए जिम्बल होगा। अत्याधुनिक उपकरणों का पूरा सेट किसी भी रक्षा बल और नागरिक आवश्यकताओं के लिए फोर्स गुणक होगा।

Categories
प्रेस विज्ञप्ति समाचार

वित्त वर्ष 22-23 की तीसरी तिमाही में बीईएल ने 11,000 करोड़ रुपए का कारोबार किया और पीएटी में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की

नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज किए गए 8842.98 करोड़ रूपए के टर्नओवर की तुलना में वित्त वर्ष 2022-23 की 3 तिमाही तक 24.46% की वृद्धि दर्ज करते हुए 11005.89 करोड़ रूपए का टर्नओवर हासिल किया है। वित्त वर्ष 2022-23 की 3 वीं तिमाही के दौरान, बीईएल ने पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज किए गए 3656.22 करोड़ रूपए के टर्नओवर की तुलना में 4046.11 करोड़ रूपए का टर्नओवर हासिल किया है। वित्त वर्ष 2022-23 की 3 तिमाही तक का लाभ (पीबीटी) 2203.39 करोड़ रूपए रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज किए गए पीबीटी (कर से पहले) की तुलना में 35.07% की वृद्धि दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2022-23 की 3 वीं तिमाही के दौरान, कर से पहले का लाभ (पीबीटी) पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज किए गए 788.33 करोड़ रूपए से बढ़कर 800.43 करोड़ रूपए हो गया है। वित्त वर्ष 2022-23 की 3 वीं तिमाही तक का कर के बाद का लाभ (पीएटी) 1641.31 करोड़ रूपए रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज किए गए 1207.12 करोड़ रूपए के कर बाद के लाभ (पीएटी) की तुलना में 35.97% की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2022-23 की 3 वीं तिमाही के दौरान, कर के बाद का लाभ (पीएटी) 598.77 करोड़ रूपए तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 583.37 करोड़ रूपए था।

निदेशक मंडल ने 28 जनवरी 2023 को आयोजित अपनी बैठक में सितंबर 2022 में बोनस जारी करने के बाद कंपनी की बढ़ी हुई शेयर पूंजी पर रु. 0.60 प्रति शेयर (प्रत्येक का अंकित मूल्य रु. 1/-) का अंतरिम लाभांश देने की सिफारिश की थी। उक्त लाभांश अभिलेख तारीख यानी 10 फरवरी 2023 को शेयर रखने वाले सभी पात्र शेयरधारकों को देय होगा। 1 जनवरी 2023 को कंपनी की आदेश पुस्तिका की स्थिति रु. 50116 करोड़ थी।