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BEL secures manufacturing license for its RxT17 Hemodialysis Machine

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Bengaluru, April 3, 2026: Navratna Defence PSU Bharat Electronics Limited (BEL) has obtained the Licence to Manufacture (for sale/distribution) its indigenously developed Hemodialysis machine, BEL RxT17.

BEL RxT17, designed by M/s Renalyx and to be manufactured by BEL, is one of India’s first indigenous Hemodialysis machines, a significant milestone for India’s Medtech sector. It is a boon for patients suffering from chronic renal failure, facilitating safe, efficient and high-quality dialysis therapy. The Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) granted BEL the manufacturing license after the compliance audit for Class C regulatory requirements pertaining to high-risk device safety and performance standards. BEL RxT17 is CE Certified, confirming compliance with European safety, health and environmental standards, and enabling its global market acceptance.

 

Driven by a surge in the cases of End-Stage Renal Disease, the demand for dialysis is increasing rapidly in India, and the BEL RxT17 aims to improve accessibility and affordability of dialysis care.

 

BEL RxT17 features a colour touchscreen display that provides an advanced user interface with real-time information on device status, readings and active alarms. It is equipped with both audio and visual alarms for critical conditions. The machine is designed to be compatible with all standard pharmacy consumables and disposables, ensuring seamless integration into existing hospital workflows. Its simple design focuses on ease of maintenance and straightforward operation for healthcare providers.

 

BEL RxT17 reduces dependence on imported dialysis machines and strengthens India’s domestic Medtech manufacturing ecosystem. It is a step toward building globally competitive, high-quality medical technologies in India, in line with the Government’s Atmanirbhar Bharat initiative.

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बीईएल को 6795 करोड़ रु. मूल्य के आदेश मिले

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बेंगलूरु, 31 मार्च, 2026 – नवरत्न रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को दिनांक 30 मार्च, 2026 को किए गए इसके अंतिम प्रकटन से 6795 करोड़ रू. मूल्य के अतिरिक्त आदेश प्राप्त हुए हैं।

 

प्राप्त प्रमुख आदेशों में रक्षा मंत्रालय से माउंटेन रेडार, एचएएल से एलसीए के लिए वैमानिकी पैकेज, संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज़, रणनीतिक घटकों के बड़े निर्यात आदेश, अपग्रेड, पुर्जे और सेवाएं आदि शामिल हैं।

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26,750 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार किया

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बेंगलूरु, 1 अप्रैल, 2026 – नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पिछले वर्ष के 23,024 करोड़ रुपये के कारोबार की तुलना में 16.2% की वृद्धि दर्ज करते हुए लगभग 26,750 करोड़ रुपये (अनंतिम और लेखा अपरीक्षित) का कारोबार हासिल किया है। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 141.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की निर्यात बिक्री शामिल है, जो पिछले वर्ष के निर्यात कारोबार 106.17 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में 33.65% की वृद्धि दर्ज करती है।

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, बीईएल ने 346 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात ऑर्डर सहित 30,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर प्राप्त किए। वर्ष के दौरान रक्षा क्षेत्र में प्राप्त किए गए कुछ प्रमुख ऑर्डरों में एलसीए के लिए एवियोनिक्स, माउंटेन रेडार, हेलीकॉप्टरों के लिए ईडबल्यू सूट, वायु रक्षा रेडार, वायु और नौसेना प्लेटफार्मों के लिए ईओआईआर पे-लोड, नौसेना प्लेटफार्मों के लिए ईडबल्यू सिस्टम, टैंकों के लिए फायर कंट्रोल एंड साइटिंग सिस्टम, मोबाइल कम्युनिकेशन टर्मिनल, नेटवर्क सिस्टम, काउंटर मानवरहित एरियल सिस्टम, अपग्रेड, स्पेयर्स और सेवाएं शामिल हैं।

 

गैर-रक्षा क्षेत्र के प्रमुख ऑर्डरों में संचार उपकरण, एआईआईएमएस के लिए आईटी इंफ्रा, एयरपोर्ट निगरानी रेडार, सॉफ्टवेयर समाधान, स्वचालित ट्रेन पर्यवेक्षण प्रणाली, ईवीएम आदि शामिल हैं। निर्यात के मोर्चे पर, प्राप्त प्रमुख आदेशों में संचार उपकरण, उपग्रह संचार नेटवर्क, टीआर मॉड्यूल, इलेक्ट्रॉनिक ईंधन, ड्रोन आदि शामिल हैं। इसके साथ ही 1 अप्रैल 2026 को बीईएल की कुल ऑर्डर बुक लगभग 74000 करोड़ रुपये हो गई है, जिसमें 495 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात ऑर्डर बुक भी शामिल है।

 

बीईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री मनोज जैन ने कहा, “वर्ष के दौरान हुई भू-राजनीतिक घटनाओं और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और एक लचीले घरेलू औद्योगिक रक्षा परितंत्र के महत्व को उजागर किया है। बीईएल कई तकनीकों और प्लेटफार्मों, मजबूत ऑर्डर बुक, विविधीकृत पोर्टफोलियो, आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं और प्रमाणित निष्पादन क्षमताओं में अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से इन चुनौतियों का प्रभावी रूप से सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। बीईएल आयात पर निर्भरता को कम करने और घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य के लिए तैयार प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम प्रज्ञान, साइबर सुरक्षा, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर एंड कम्युनिकेशन सिस्टम और स्वायत्त प्लेटफार्मों पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वदेशीकरण पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखे हुए है। ये रणनीतिक पहल बीईएल को घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में उभरते अवसरों को हासिल करने में सक्षम बनाएगी।”

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बीईएल को 1660 करोड़ रु. मूल्य के आदेश मिले

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बेंगलूरु, 30 मार्च, 2026 – नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को दिनांक 17 मार्च, 2026 को किए गए इसके पिछले प्रकटन से 1660 करोड़ रू. मूल्य के आदेश प्राप्त हुए हैं।

प्राप्त प्रमुख आदेशों में उपग्रह संचार नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियां, संचार उपकरण, वैमानिकी, साफ्टवेयर समाधान, युद्ध-सामग्री, ईवीएम, रणनीतिक घटक, अपग्रेड, पुर्जे और संबंधित सेवाएं आदि शामिल हैं।

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सेमीकंडक्टर, मानवरहित प्रणाली और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स में सहयोग बढ़ाने के लिए बीईएल और आरआरपी ग्रूप ने रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

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BEL&RRP

बेंगलूरु, 24 मार्च, 2026  नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, मानवरहित प्रणाली और अन्य उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कारोबारी अवसर तलाशने के लिए सेमीकंडक्टर और एयरोस्पेस एवं रक्षा प्रणालियों के उन्नत निर्माण में विशेषज्ञता रखने वाली अग्रणी एकीकृत प्रौद्योगिकी कंपनी आरआरपी ग्रूप के दो भाग, आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और आरआरपी डिफेंस लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।

यह सहयोग भारत के रक्षा प्रौद्योगिकी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी जो स्वदेशीकरण और क्षमता वर्धन पर केंद्रित राष्ट्रीय उद्देश्यों को मजबूत करेगा।

इस समझौता ज्ञापन से उच्च सटीकता ईओ सिस्टम (निगरानी प्रणाली, हथियार स्थल), सेमीकंडक्टर डिवाइसों और अगली पीढ़ी के मानवरहित समाधानों के विकास को आगे बढ़ाने के लिए, रक्षा और रणनीतिक अनुप्रयोगों के लिए उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और मिशन-महत्वपूर्ण प्रणालियों को विकसित करने, आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की अर्धचालक विनिर्माण विशेषज्ञता और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (ईओ) प्रणाली और यूएवी प्लेटफार्मों में आरआरपी डिफेंस लिमिटेड की क्षमताओं को विकसित करने में बीईएल के दशकों के अनुभव का लाभ लिया जा सकेगा।

इस समझौता ज्ञापन के तहत, बीईएल और आरआरपी ग्रुप संयुक्त रूप से रक्षा और रणनीतिक अनुप्रयोगों के लिए कई तकनीकों की पहचान, डिजाइन और विकास करेंगे। इस साझेदारी से उच्च गुणता वाले और विश्वसनीय समाधान प्रदान करने में परिवर्तनकारी होने के साथ-साथ अग्रणी तकनीकी नवाचार और भारत की रणनीतिक क्षमताओं को मजबूती मिलेगी।

इस एमओयू से रक्षा मंत्रालय की निर्यात संवर्धन नीतियों के अनुरूप निर्यात के अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।

बीईएल और आरआरपी ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान श्रीमती नीति पंडित, महाप्रबंधक (रणनीतिक योजना, बीईएल) और श्री राजेंद्र चोडनकर (संस्थापक एवं अध्यक्ष-आरआरपी ग्रुप ऑफ कंपनीज) के बीच श्री मनोज जैन, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक-बीईएल, श्री नंदकुमार टी डी, महाप्रबंधक (पीडीआईसी), श्रीमती रेखा शास्त्री, महाप्रबंधक (मानवरहित प्रणाली) और श्री धीरेंद्र एन. पांडे, महाप्रबंधक (मचिलिपट्टनम यूनिट) की उपस्थिति में हुआ।

बीईएल के सीएमडी श्री मनोज जैन ने कहा, “यह एमओयू भारतीय रक्षा परितंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और यूएवी प्लेटफार्मों में आरआरपी की क्षमताओं के साथ रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में बीईएल की विशेषज्ञता को शामिल करने से हमें विश्वास है कि अत्याधुनिक, स्वदेशी समाधान प्राप्त होंगे जो राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों आवश्यकताओं को पूरा करेंगे।”

आरआरपी ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक और अध्यक्ष श्री राजेंद्र चोडनकर ने कहा, “बीईएल के साथ यह साझेदारी भारत के रक्षा तकनीकी आधार को मजबूत करने में भावी प्रगति को चिह्नित करती है। बीईएल जिसने रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में उत्कृष्टता को लंबे समय से परिभाषित किया है, के साथ सहयोग करने से हम कार्य के माध्यम से भारत के रक्षा पारितंत्र को आगे बढ़ाने के अपने आशय को पूरा कर सकेंगे जो उद्देश्यपूर्ण, भरोसेमंद और राष्ट्र के दीर्घकालिक हितों के साथ जुड़ा हुआ है।”

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के बारे में

रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्न पीएसयू बीईएल, भारत के रक्षा और रणनीतिक इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अग्रणी कंपनी है। बीईएल एक बहु-उत्पाद, बहु-प्रौद्योगिकी, बहु-यूनिट उद्यम है जिसके उत्पाद पोर्टफोलियो में रेडार और फायर नियंत्रण प्रणाली, हथियार प्रणाली, संचार और नेटवर्क केंद्रित प्रणाली, नौसेना प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और एवियोनिक्स, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, पनडुब्बी रोधी वारफेयर प्रणाली, टैंक इलेक्ट्रॉनिक्स और गन उन्नयन, होमलैंड सुरक्षा, नागरिक उत्पाद और रणनीतिक घटकों के क्षेत्र में 600 से अधिक उत्पाद हैं।

आरआरपी ग्रुप के बारे में (आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और आरआरपी डिफेंस लिमिटेड)

आरआरपी ग्रुप, जिसका मुख्यालय नवी मुंबई में स्थित है, एक एकीकृत प्रौद्योगिकी कंपनी है जो सेमीकंडक्टर, रक्षा और उन्नत एयरोस्पेस प्रणालियों में अत्याधुनिक तकनीकों और उच्च तकनीक निर्माण परितंत्र में अग्रणी है। यह चार विशिष्ट्रीकृत संस्थाओं-आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (महाराष्ट्र में भारत की पहली ओएसएटी सुविधा), आरआरपी एस4ई इनोवेशन लिमिटेड, आरआरपी ड्रोन्स इनोवेशन लिमिटेड और आरआरपी डिफेंस लिमिटेड के माध्यम से कार्य करता है। आरपी ग्रुप सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, थर्मल इमेजिंग और स्वनियंत्रित हवाई प्रणालियों में स्वदेशी समाधान प्रदान करने में विशेषज्ञता रखता है। रणनीतिक वैश्विक साझेदारी के माध्यम से, यह समूह भारत के सशस्त्र बलों और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में मिशन-महत्वपूर्ण समाधान प्रदान करता है।

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बीईएल को 1011 करोड़ रु. मूल्य के आदेश मिले

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बेंगलूरु, 17 मार्च, 2026 – नवरत्न रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को 25 फरवरी 2026 को इसके द्वारा किए गए अंतिम प्रकटन के बाद से 1011 करोड़ रु. मूल्य के अतिरिक्त आदेश प्राप्त हुए हैं।

प्राप्त प्रमुख आदेशों में संचार उपकरण, रेडार चेतावनी और जैमिंग प्रणाली, फायर कंट्रोल सिस्टम, इलेक्ट्रो ऑप्टिक साइट, लड़ाकू विमानों के लिए फायर संसूचक एवं चेतावनी प्रणाली, उच्च ऊर्जा लेज़र, स्वचालित ट्रेन पर्यवेक्षण प्रणाली, हेड-अप डिस्प्ले, सॉफ्टवेयर समाधान, जैमर, शेल्टर, रणनीतिक घटक, उन्नयन, कलपुर्जे, सेवाएं आदि शामिल हैं।

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बीईएल को 733 करोड़ रु. मूल्य के आदेश प्राप्त हुए

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बेंगलूरु, 25 फरवरी, 2026 – नवरत्न रक्षा सरकारी क्षेत्र के उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने 6 फरवरी, 2026 को किए गए अपने पिछले प्रकटन से अब तक 733 करोड़ रु. मूल्य के अतिरिक्त आदेश प्राप्त किए हैं।

प्राप्त  प्रमुख आदेशों में टीआर मॉड्यूल, संचार उपकरण, एन्क्रिप्टर, रेडार, जैमर, साफ्टवेयर समाधान, परीक्षण के उपकरण, अपग्रेड, कलपुर्जे और सर्विस आदि शामिल हैं।

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BEL and SASMOS sign strategic MoU to strengthen Defence indigenisation

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Bengaluru, February 19, 2026: Navratna Defence PSU Bharat Electronics Limited (BEL) and SASMOS HET Technologies Ltd, a prominent player in the aerospace, defence and space sectors, on February 16, 2026, signed a Memorandum of Understanding (MoU) to collaborate on advanced defence technologies.

The MoU was exchanged by Mr Manoj Jain, CMD, BEL, and Mr HG Chandrashekar, Chairman & Managing Director of SASMOS, in the presence of Hon’ble Raksha Mantri, Shri Rajnath Singh, and Shri Sanjeev Kumar, IAS, Secretary (Defence Production).

This strategic partnership is aligned with the Government of India’s Atmanirbhar Bharat mission and focuses on co-development and co-indigenisation in key technology domains, including Fibre Optics & Photonics, Tank Electronics, Naval Systems & airborne platforms. The collaboration aims to enhance India’s aerospace and defence capabilities while expanding the export potential of indigenous products and systems.

Mr Manoj Jain, CMD, BEL, said: “This MoU marks a significant step in our journey towards strengthening India’s defence ecosystem. By combining BEL’s expertise in defence electronics with SASMOS’s capabilities in fibre optics and photonics, we are confident of delivering cutting-edge, indigenous solutions that will serve both national and global requirements.”

Mr HG Chandrashekar, Chairman & Managing Director, SASMOS, added: “We are proud to partner with BEL in this strategic collaboration. Together, we will accelerate innovation, co-develop advanced technologies, and contribute meaningfully to India’s vision of Atmanirbhar Bharat and Viksit Bharat 2047.”

About Bharat Electronics Limited (BEL)

BEL is a Navratna Defence Public Sector Undertaking under the Ministry of Defence, Government of India, engaged in the design, manufacture and supply of state-of-the-art equipment in the fields of Defence Communication, Radar, Naval Systems, Network Centric Systems, Weapon Systems, Electronic Warfare & Avionics, Tank Electronics, Electro-optics & Gun upgrades, Homeland Security, Strategic Components, etc, amongst others for use by Defence services and civilian sector.

About SASMOS

SASMOS is a leading Indian aerospace & defence company engaged in the design, development & manufacture of mission-critical Electrical Wiring Interconnection Systems, Electronics Integrated Systems, Fibre Optics & Photonics Systems for Aerospace and Defence applications catering to the Indian Defence ecosystem & Global OEMs.

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बीईएल और सफरान ने भारत में हैमर उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम करार और मास्टर उत्पादन करार पर हस्ताक्षर किए

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बेंगलूरु, 17 फरवरी, 2026 – नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और फ्रांस के सफरान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस (एसईडी) ने आज भारत में अति कुशल मॉड्यूलर म्यूनिशन विस्तारित रेंज (हैमर) स्मार्ट प्रीसिजन गाइडेड एयर-टू-ग्राउंड हथियार के उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम कंपनी (जेवीसी) स्थापित करने के लिए संयुक्त उद्यम करार (जेवीए) पर हस्ताक्षर किए। इस जेवीए के प्रावधान दोनों देशों के विनियामक और प्रशासनिक अनुमोदन के अधीन लागू होंगे। बीईएल और एसईडी ने एक मास्टर उत्पादन करार (एमपीए) पर भी हस्ताक्षर किए, जिसमें भारत में हैमर के उत्पादन के हस्तांतरण के लिए सहयोग की शर्तें निर्धारित की गई हैं।

बेंगलूरु में छठे भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद के दौरान बीईएल के सीएमडी श्री मनोज जैन और सफरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं रक्षा के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं रक्षा निदेशक श्री अलेक्जेंडर ज़िग्लर ने भारत के माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की सशस्त्र बलों एवं वरिष्ठ मामलों की मंत्री सुश्री कैथरीन वॉट्रिन की उपस्थिति में इन करार पर हस्ताक्षर किए।

बीईएल और एसईडी के बीच समान हिस्सेदारी के साथ यह संयुक्त उद्यम भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना की परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए हैमर के निर्माण, आपूर्ति और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह सहयोग ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसका उद्देश्य आयात निर्भरता को कम करना और भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है।

उत्पादन का स्थानांतरण भारत में स्थिर उत्पादन सुनिश्चित करते हुए चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर निर्मित किए जा रहे प्रमुख उप-असेंबली, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल पुर्जों के स्वदेशीकरण का स्तर प्रगामी रूप से बढ़ेगा।

यह करार भारत के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने की बीईएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इसका उद्देश्य हवा से जमीन पर सटीक निर्देशित स्मार्ट सटीक हथियार के निर्माण में एसईडी के व्यापक अनुभव का लाभ उठाना है।

हैमर युद्धक-सिद्ध, सटीक-निर्देशित हथियार प्रणाली है जो अपनी उच्च सटीकता और मॉड्यूलर डिज़ाइन के लिए जानी जाती है जो राफेल और एलसीए तेजस सहित कई प्लेटफार्मों के अनुकूल है।

सफरान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस (एसईडी) के बारे में

हैमर कॉम्बैट सिद्ध हथियार की मार्केटिंग, विकास और निर्माण से लेकर ऑपरेशन के दौरान सहायता करने तक एसईडी ने स्मार्ट टैक्टिकल हवा से जमीन की हथियार की क्षमताओं और विशेषज्ञता को स्थापित किया है। एसईडी कई अन्य सैन्य उपकरणों के अलावा भारतीय वायु सेना और भारतीय रक्षा मंत्रालय के लिए हैमर हथियार और लड़ाकू विमान के लिए सिग्मा 95 इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम की आपूर्तिकर्ता है।

बीईएल के बारे में

भारत की अग्रणी रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी बीईएल अत्याधुनिक रेडार, मिसाइल प्रणाली, सैन्य संचार, नौसैनिक प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर एवं एवियोनिक्स, सी-4आई प्रणाली, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, टैंक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं गन/वेपन प्रणाली उन्नयन, सौर प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक घटक और इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन और प्वाइंट ऑफ सेल डिवाइस जैसे नागरिक उत्पादों की डिज़ाइन, निर्माण और आपूर्ति करती है।

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माननीय रक्षा मंत्री जी ने बीईएल के उत्कृष्टता केन्द्र का उद्घाटन किया

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बेंगलूरु, 16 फरवरी, 2026 – माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 16 फरवरी, 2026 को बेंगलूरु स्थित नवरत्न रक्षा पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) का दौरा किया।

माननीय रक्षा मंत्री ने पुणे स्थित कृत्रिम प्रज्ञान (सीओई-एआई) उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) का आभासी रूप से उद्घाटन किया और औपचारिक रूप से कंपनी की कृत्रिम प्रज्ञान नीति आरंभ की।

बीईएल के बेंगलूरु कॉमप्लेक्स के दौरे के दौरान, माननीय रक्षा मंत्री ने बीईएल के माउंटेन फायर कंट्रोल रेडार का शुभारंभ किया। उन्होंने बीईएल-बेंगलूरु में मिसाइल एकीकरण सुविधा का भी उद्घाटन किया और आकाश की तीसरी और चौथी रेजिमेंट कॉम्बैट प्रणालियों को हरी झंडी दिखाई।

माननीय रक्षा मंत्री को भारतीय स्टार्टअप द्वारा विकसित कृत्रिम प्रज्ञान आधारित समाधानों सहित कई उन्नत स्वदेशी रक्षा तकनीकों के बारे में बताया गया, जिसमें रक्षा परितंत्र में नवाचार और स्वदेशीकरण पर बढ़ते जोर को बताया गया।

माननीय रक्षा मंत्री ने बीईएल के सहयोग से मिसाइल प्रणालियों के निर्माण के लिए उद्योग साझेदारों-बीईएमएल, बीडीएल, एल एंड टी, एमएसएमई और स्टार्टअप के साथ बातचीत की। उन्होंने उन्नत स्वदेशी तकनीकों के विकास के लिए शैक्षणिक समुदाय (आईआईटी-एम और आईआईएससी) के साझेदारों के साथ भी बातचीत की।

इस दौरान, बीईएल के केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं, सीओई-इलेक्ट्रॉनिक्स वारफेयर एवं फोटोनिक्स, सीओई-कम्युनिकेशन, सीओई-रेडार और हथियार प्रणाली व उत्पाद विकास एवं नवाचार केंद्र (पीडीआईसी) द्वारा की गई स्वदेशीकरण पहलों को भी दिखाया गया। साथ ही, स्टार्टअप और उद्योग के साझेदारों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। माननीय रक्षा मंत्री जी को घरेलू रक्षा विनिर्माण और अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बीईएल के उल्लेखनीय योगदान के बारे में जानकारी दी गई।

माननीय रक्षा मंत्री को प्रमुख राष्ट्रीय रक्षा कार्यक्रमों जैसे क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (क्यूआरसैम), लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क II (एलसीए एमके II), एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए), प्रोजेक्ट कुशा (एमआर-सैम/एलआर-सैम), काउंटर ड्रोन सिस्टम, नेवल वेपन कंट्रोल सिस्टम आदि के साथ बीईएल में चल रही अनुसंधान और विकास गतिविधियों से भी अवगत कराया गया।

सेक्योर सिस्टम-ऑन-चिप्स (एसओसी), मोनोलिथिक माइक्रोवेव इंटिग्रेटेड सर्किट (एमएमआईसी) और एप्लीकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट (एएसआईसी), जो भारत सेमीकंडक्टर मिशन के उद्देश्यों और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जैसे रणनीतिक सेमीकंडक्टर डिवाइसों के स्वदेशीकरण में बीईएल की भूमिका पर विशेष ध्यान आकृष्ट किया गया।

संक्षिप्त चर्चा में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि स्वदेशी अनुसंधान और विकास पहल विदेशी तकनीकों पर निर्भरता को कम करते हुए भूमि, वायु, नौसेना और रणनीतिक क्षेत्रों में परिचालन की तैयारियों को बढ़ा रही हैं।

माननीय रक्षा मंत्री ने एआई और स्वायत्त प्रणालियों में नवीनतम तकनीकों का उपयोग करते हुए चुस्त उत्पाद विकास के लिए स्टार्टअप, उद्योग और शिक्षा जगत के साथ सहयोग करने के लिए बीईएल के आर एंड डी समुदाय को प्रोत्साहित किया। माननीय रक्षा मंत्री ने विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप विश्वस्तरीय उत्पाद बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग, नवाचार और त्वरित प्रोटोटाइप को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।